कहते हैं दिल्ली (Delhi) दिल वालों का शहर है और इस बात सबूत हमारे इतिहास (History) में आज भी जिन्दा हैं। दिल्ली (Delhi) बहुत लम्बे समय से सबके दिलों पर ही नहीं बल्कि पूरे भारत (India) पर राज करती आयी है और इसी वजह से यहाँ हमारे इतिहास की झलक हर कोने कोने में दिखाई देती है। अगर आप दिल्ली (Delhi) में हैं और घूमने के शौक़ीन हैं तो आपकी नज़र यहाँ की ऐतिहासिक खूबसूरती को देखे बिना कैसे रह सकती है। दिल वालों की दिल्ली (Delhi) के सफर को और यादगार बनाने में हमारी ये पोस्ट आपकी बहुत मदद करेगी। आइये जानते हैं दिल्ली के मुख्य ऐतिहासिक स्थलों (Historical Places) के बारे में।

दिल्ली आये हैं तो इन ऐतिहासिक स्थलों पर घूमना नहीं भूलें।- Historical Places To Visit In Delhi

क़ुतुब काम्प्लेक्स (Qutub Complex) दिल्ली (Delhi) के मेहरौली (Mehrauli) इलाके में स्थित ऐतिहासिक इमारतों (Historical Monuments) का क्षेत्र है। यहाँ की सबसे मुख्य इमारत क़ुतुब मीनार (Qutub Minar) है जिसकी वजह से इस जगह को क़ुतुब काम्प्लेक्स के नाम से है। क़ुतुब मीनार (Qutub Minar) का निर्माण क़ुतुबुद्द्दीन ऐबक (qutub-ud-din Aibak) ने कराया था जिसे बाद में इल्तुतमिश (Iltutmish) और फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ (Firoz Shah Tuglaq) ने आगे बढ़ाया। यहाँ पर कुवैत उल इस्लाम मस्जिद (Quwait-ul-islam Mosque), अलाइ मीनार (Alai Minar), अलाइ दरवाज़ा (Alai Darwaza), लोह-स्तम्भ (Iron Piller), इल्तुतमिश का मक़बरा (Iltutmish's Tomb), अलाउद्दीन खिलजी का मक़बरा (Alauddin Khilji's Tomb), इमाम ज़मीम का मक़बरा (Imam Jamim's Tomb) जैसी अन्य ऐतिहासिक इमारतें देखने लायक है।

Qutub Minar
Qutub Minar

हौज़ खास (Hauz Khas) क़ुतुब काम्प्लेक्स की ही तरह कई इमारतों से बना हुआ एक काम्प्लेक्स है। हौज़ खास का शाब्दिक अर्थ है शाही तालाब। यहाँ पर तालाब के अलावा हिरन पार्क (Dear Park), मदरसा और फ़िरोज़शाह तुग़लक़ का मक़बरा (Firoz Shah's Tomb) मुख्य हैं।

Hauz Khas
Hauz Khas

हुमायूँ का मक़बरा Humayun Ka Maqbara)-

मुग़ल कालीन शासक बाबर के बेटे और दूसरे मुग़ल बादशाह हुमायूँ का मक़बरा (Humayun's Tomb) नई दिल्ली के निजामुद्दीन (Nizamuddin) इलाके में स्थित है। मुग़ल कालीन शैली में बने इस मक़बरे का निर्माण हुमायूँ (Humayun) की बेगम हमीदा बानो ने करवाया। मुख्य गुम्बद में हुमायूँ अलावा हुमायूँ के परिवार की लगभग 150 से ज्यादा कब्रें हैं। पास में ही हुमायूँ की बेगम हमीदा बानो का मक़बरा भी बनाया गया है। हुमायूँ के मक़बरे की वास्तुकला से आगरा का ताजमहल (Tajmahal) प्रेरित है।

Humayun Ka Maqbara
Humayun Ka Maqbara

लोधी वंश के वंशजों की याद दिलाते इस गार्डन में सिकंदर लोदी (Sikandar Lodhi) और मोहम्मद शाह (Mohommad Shah) का मक़बरा भी है। इसके अलावा यहाँ शीश गुम्बद (Sheesh Gubad), बड़ा गुम्बद (Bada Gumbad) और अठपुला (Athpula) भी है।
Lodhi Garden
Lodhi Garden

लाल क़िले (Lal Qila) से चंद क़दमों की दूरी पर स्थित ज़ामा मस्जिद (Jama Mosque) भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ (Shahjahan) ने सं 1650 में कराया था। लाल पत्थर और संगमरमर से बानी इस मस्जिद को बनने में लगभग 6 साल का समय लगा था।
Jama Masjid
Jama Masjid

गुरुद्वारा बंगला साहिब (Gurudwara Bangla Sahib) दिल्ली के महत्वपूर्ण गुरुद्वारों में से एक है जिसे जयपुर के राजा जयसिंह ने बनवाया था। यहाँ सिखों के आठवें गुरु हरकिशन सिंह ने रहकर चेचक और हैज़ा के मरीजों का इलाज किया था और तब से यह जगह सिखों और हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक बन गयी है।

Gurudwara Bangla Sahib
Gurudwara Bangla Sahib

गुरुद्वरा सीसगंज साहिब (Gurudwara Sisganj Sahib) सिखों के नौंवे गुरु श्री गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान का प्रतीक है। औरंगजेब द्वारा गुरु तेगबहादुर जी को धर्मान्तरण का विरोध करने के कारण मौत के घाट उतर दिया गया था जिसके बाद उनके शिष्यों ने तेगबहादुर जी के शरीर का अंतिम संस्कार किया।

Gurudwara Sisganj Sahib
Gurudwara Sisganj Sahib

दिल्ली का लाल क़िला (Lal Qila) मुग़ल बादशाह शाहजहां ने कराया था। यह इमारत आज भी भारतीय इतिहास का जिवंत उदाहरण है। आज भी हर साल भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister Of India) द्वारा स्वाधीनता दिवस (Independence Day) के दिन यही पर तिरंगा फहराया जाता है।

Lal Qila
Lal Qila

तीन मूर्ति भवन (Teen Murti Bhavan)-

तीन मूर्ति भवन (Teen Murti Bhavan) भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) का आवास था जिसे बाद में संग्रहालय (Museum) का रूप दे दिया गया। यहाँ नेहरू जी से जुडी चीजों की झलकियां देखने को मिलती हैं।
प्रथम विश्व युद्ध (First World War) में प्राण गँवा चुके भारत के सैनिकों की याद में बना यह मेमोरियल (Memorial) भारत के लिए गर्व का प्रतीक है। यहाँ एक अखंड ज्योति सैनिकों की याद में प्रज्वलित है।

India Gate
India Gate

तीन बड़े दरवाज़ों वाला पुराना क़िला (Purana Qila) यमुना नदी के किनारे पर स्थित है। इसका निर्माण शेरशाह सूरी (Sher Shah Suri) ने कराया था। हिन्दू साहित्य के अनुसार इस जगह पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ (Indraprastha) हुआ करती थी। हुमांयू की मृत्यु इसी क़िले में गिरने के कारण हुई थी।
Purana Qila
Purana Qila

हज़रत निजामुद्दीन की दरगाह (Hazrat Nizamuddin Dargah) प्रशिद्ध सूफी संत हज़रत निजामुद्दीन औलिया का मक़बरा हैं। मुस्लिम और के बीच प्रेम और सौहाद्र बढ़ाने में हज़रत निजामुद्दीन औलिया ने अहम भूमिका निभाई थी।
Hazrat Nizamuddin Dargah
Hazrat Nizamuddin Dargah

सफ़दरजंग का मक़बरा (Safderjang's Tomb) अंतिम मुग़ल बादशाह मोहम्मद शाह के प्रधानमंत्री सफदरजंग की याद में बनवाया था। यहाँ सफ़दरजंग और उनकी बेगम की कब्रें हैं। मक़बरे की वास्तुकला मुग़ल कालीन शैली का नायब नमूना है।
Safdarjang Tomb
Safdarjang Tomb

तुग़लक़ाबाद फोर्ट (Tuglaqabad Fort)-

तुग़लक़ाबाद का किला (Tughlaqabad Fort) दिल्ली के मुख्य क़िलों में से एक है। इसका निर्माण तुगलक वंश के शासकों ने कराया था।
दिल्ली स्थित के मध्य में स्थित राष्ट्रपति भवन (Rastrapati Bhavan) किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के निवास में सबसे बड़ा है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने कराया था तब यह गवर्नर जनरल हाउस या वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था।

Rashtrapati Bhavan
Rashtrapati Bhavan

संसद भवन (Sansad Bhavan) वृत्ताकार आकृति में बना हुआ विशाल भवन है जहाँ वर्तमान में भारत की संसदीय कार्यवाही होती है। इसका निर्माण सं 1921 से 1923 के बीच हुआ था।

Sansad Bhavan
Sansad Bhavan



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