राजस्थान (Rajasthan) रजवाड़ों की भूमि है। यहाँ बहुत से राजा महाराजा हुए और उन राजाओं की निशानियाँ आज भी उनके महलों के रूप में स्थित हैं। राजपुताना शान की प्रतीक इन इमरतों ने न जाने कितने युद्ध देखे और न जाने कितनी राजपूतानी रानियों की जौहर की कहानियां इन इमारतों में आज भी कैद हैं। वीरता की भूमि राजस्थान (Rajasthan) को नमन करते हुए आज हम आपको बताने जा रहे हैं राजस्थान (Rajasthan) के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल (Historical places) जहाँ आप जाकर इतिहास की यादों को तरोताज़ा कर सकते हैं।


राजस्थान (Rajasthan) भारत के इतिहास में अपनी एक अलग ही पहचान रखता है। राजस्थान (Rajasthan) में घूमने के लिए बहुत ही सुन्दर सुन्दर जगह हैं जिनका किसी न किसी रूप में इतिहास से कोई न कोई सीधा सम्बन्ध रहा है। आइये जानते हैं इतिहास से जुडी यादों को संजोये हुए राजस्थान (Rajasthan) के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों (Historical Places) के बारे में।
राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) दिल्ली (Delhi) से लगभग 280 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। पिंक सिटी (Pink City) के नाम मशहूर जयपुर (Jaipur) को रजवाड़ों की राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए जयपुर (Jaipur) की प्रमुख इमारतों में नाहरगढ़ का क़िला (Nahargarh Fort), जयगढ़ क़िला (Jaigarh Fort), आमेर का क़िला (Amer Fort), सिटी पैलेस (City Place), भानगढ़ का क़िला (Bhangarh Fort) और हवा महल (Hava Mahal) मुख्य हैं।

उदयपुर (Udaipur)-

इतिहास में उल्लेखित मेवाड़ साम्राज्य की राजधानी उदयपुर (Udaipur) का इतिहास स्वयं में ही अद्भुत है। रानी पद्मिमनी का सम्बन्ध भी उदयपुर से रहा है। उदयपुर (Udaipur) के ऐतिहासिक स्थलों (Historical Places) में पिछोला झील (Pichola Jheel), सिटी पैलेस उदयपुर (City Place, Udaipur), सज्जनगढ़ पैलेस (Sajjangarh Palace), फतेहसागर (Fatehsagar) और मोती नगरी प्रमुख हैं।
गोल्डन सिटी के नाम से प्रसिद्ध जैसलमेर (Jaisalmer) राजस्थान (Rajasthan) के थार मरुस्थल (Thar Desert) में बसाया गया शहर है। 12वीं शताब्दी में बसाये गए जैसलमेर (Jaisalmer) पर खिलजी (Khilji's), तुग़लक़ (Tughlaq's), मुग़लों (Mughal's) और राठौर (Rathore's) ने कई बार आक्रमण किया लेकिन वीरता की दांस्ता कहता हुआ जैसलमेर का क़िला (Jaisalmer Fort) आज भी बुलंदियों को छू रहा है।

जोधपुर (Jodhpur)-

राजस्थान (Rajasthan) के थार रेगिस्तान (Thar Desert) में बसा जोधपुर (Jodhpur) मारवाड़ साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। सूर्य नगरी के नाम से प्रसिद्ध जोधपुर (Jodhpur) में घरों का रंग नीला होने के कारण इसको नीली नगरी के नाम से भी जाना जाता है। जोधपुर का मेहरानगढ़ क़िला (Mehrangarh Fort) उम्मेद भवन पैलेस (Ummed Bhavan Palace), जसवंत थड़ा, लूणी क़िला और रोहट क़िला प्रमुख दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल (Historical Places) हैं।
जूनागढ़ का क़िला (Junagarh Fort) के लिए प्रसिद्ध बीकानेर (Bikaner) इतिहास में अपनी अलग ही पहचान लिए हुए है। बीकानेर (Bikaner) में घूमने लायक जगहों में लालगढ़ महल (Lalgarh Mahal) और लक्ष्मी निवास महल भी शामिल हैं। बीकानेर (Bikaner) ज्योतिष विज्ञान (Astrology) और अपने भोजन के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

चित्तौडग़ढ़ (Chittorgarh)-

वीरों की भूमि के नाम से मशहूर चित्तौड़गढ़ का क़िला (Chittorgarh Fort) एक पहाड़ी पर स्थित है। रानी पद्मिनी ने भी जौहर यही किया था। मंदिर और महलों से भरे चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) में देखने के लिए चित्तौड़गढ़ का क़िला (Chittorgarh Fort), रानी पद्मिनी का महल, गोरा-बदल का महल, पत्ता-जैमल की हवेली, समधीश्वर महादेव मंदिर, महासती जौहर स्थल, कीर्ति स्तम्भ, कुम्भश्याम मंदिर, मीराबाई मंदिर, महाराजा कुम्भा का महल, भामाशाह की हवेली आदि प्रमुख हैं।

भरतपुर (Bharatpur)-

भगवान राम के भाई भरत के नाम पर भरतपुर (Bharatpur) का नामकरण राजा सूरजमल ने किया था। लोहे जैसे अभेध किले के कारण भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ का क़िला (Lohagarh Fort) रखा गया। भरतपुर (Bharatpur) में लोहागढ़ क़िला (Lohagarh Fort) का अलावा आप गंगा महारानी मंदिर, भरतपुर बर्ड सैंक्चुअरी, बांके बिहारी मंदिर और लक्ष्मण मंदिर घूम सकते हैं।


सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur)-

जयपुर (Jaipur) के राजा सवाई माधो के द्वारा बसाये गए सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) का रणथम्बौर किला (Ranthambhore Fort) यहाँ की ऐतिहासिक इमारतों में सबसे मुख्य है। किले के अलावा यहाँ बहुत से मंदिर है जिनसे इतिहास की कोई न कोई कहानी जुडी हुई है। चम्बल नदी और बनास नदी से घिरे रणथम्भौर किले के अलावा यहाँ की मुख्य ऐतिहासिक इमारतों में त्रिनेत्र गणेश मंदिर, खण्डार क़िला, अरणेश्वर महादेव मंदिर, चौथ माता मंदिर प्रमुख हैं। सवाई माधोपुर रणथम्भौर नेशनल पार्क के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है।
प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा-मोइउद्दीन चिस्ती के नाम पर बनी अजमेर शरीफ दरगाह (Ajmer Sharif Dargah) के दर्शन के लिए लाखों पर्यटक हर साल अजमेर (Ajmer) आते हैं। दरगाह के अलावा अजमेर का क़िला (Ajmer Fort) भी यहाँ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। अजमेर (Ajmer) से सटा पुष्कर (Pushkar) भी आस्था का प्रतिक है, कहा जाता है कि पुष्कर (Pushkar) में हिन्दुओं के भगवान ब्रह्मा जी ने तपस्या की थी और ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर पुष्कर (Pushkar) में ही है।

अलवर (Alwar)-

महाभारत कल से ज्यादा पुराने इतिहास को संजोये अलवर (Alwar) का पुराना नाम शाल्वपुर था जो कालान्तर में अलवर हो गया। सिटी पैलेस, फतहगंज गुम्बद, बाला क़िला, विजय मंदिर झील महल अलवर के मुख्य दार्शनिक स्थल हैं।


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